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डॉक्टर कुरैशी
साहब से एक सवाल है मेरा- कुरैशी साहब कृपया बताये क्या आज जो उत्तर
प्रदेश की हालत है , जो
अराजकता फैली है आज उत्तर प्रदेश में इसे
रोकने अल्लाह या भगवान या जीसस आएंगे या क़ानून बेवस्था सुदृढ़
करने से रुकेगा
यह सब कुछ !
दूसरे के मत्थे मढ़
देने से आप की ज़िम्मेदारी कम नहीं हो जाती,
ना ही
आपकी उदासीनता छुप सकती है जनता की नज़र से क्यों की आज जनता
परदे के पीछे का
भी सच जान चुकी है वह मुखर होना भी चाहती है किन्तु किसके दम पर मुखर हो क्यों
की उत्तर प्रदेश में जो जंगल राज कायम हुआ है इस जंगल राज में हर तंत्र
भ्रस्ट हो चुका है ! घर के बाहर कदम रखने के बाद ये नहीं समझ आता परेसानी
के टाइम किससे सहायता मांगी जाए किसपर विश्वाश किया जाए जबकि हर १००
कदम पर एक पुलिस चौकी नज़र आती है और उस चौकी में बैठे भूरी वर्दी में कुछ
दबंक भी ऐसे बहरे दबंग जिनके कान को सिर्फ पैसे की खनक सुनाई देती है ऐसे
आँख के अंधे जिनकी आँख को सिर्फ लाल हरी नोट के पत्ते दिखाई देते है , जिनकी भूरि वर्दी में जाने कितने गुनाह
की फाइल दफ़न हो जाती है और कितने
गुनहगार अपने गुनाह की कालिख पोछ कर वाइज्ज़त बरी हो जाते है !
कुरैशी साहब जो आपके
हाथ में है उसपर पहले अमल करिये , त्वरित
अमल करिये
और उत्तर प्रदेश में अराजकता का माहौल ख़त्म हो इसके लिए क़ानून ब्यवस्था
को खंघालिये, ज़माने
से गुनाह और गुनहगार की काली करतूतो को छुपाते छुपाते जो भूरी वर्दी मैली हो चुकी है
उसकी धुलाई करवाने की ज़रूरत है अब !
क़ानून ब्यवस्था में कहा क्या कमी है जिससे निकम्मी साबित हो
रही है उत्तर प्रदेश
पुलिस इसपर गहन चिंतन करिये, मनन
करिये और सवस्थ परिणाम निकालिये
वार्ना आड़ रखिये ये लोकतंत्र है यहाँ सिर्फ किसी मज़बूर की किसी
असहाय की बेटी
बहन ही नहीं घटना की शिकार हो सकती है वी० वी० आई० पी० लोगो की बहु , बहन ,
बेटी भी इस घटना की शिकार हो सकती है ! एक प्रायमरी स्कूल की
टीचर , एक
मेडिकल की स्टूडेंट एक गाँव की सीधी साधी लड़की एक कॉलेज गोइंग लड़की एक ऑटो
में सवार आम लड़की , एक
सब्जी खरीदती हुई लड़की ही नहीं निर्भया की
श्रेणी में खड़ी होंगी बल्कि मर्सिडीज में चलने वाली वी०
वी० आई० पी० घर की वी०
वी० आई० पी० लड़की अपने ड्राइवर के हाथो नहीं सुरक्षित होगी , गनर लेकर चलने वाली वी० वी० आई० पी०
घर की वी० वी० आई० पी० लड़की अपने गनर के हाथो नहीं सुरक्षित होगी ! तमाम नौकर
चाकर की सेवा लेने वाली वी० वी० आई०
पी० घर की लड़की आलीसान बंगलों में रहने वाली वी० वी० आई०
पी० भी अपने नौकर चाकर
के हाथो ही सुरक्षित नहीं होगी ! क्यों की उतार प्रदेश की क़ानून ब्यवस्था
का कोई खोज खबर लेने वाला नहीं इस क़ानून ब्यवस्था के माई - बाप बहुत
दबंग है जिनकी दबंगई के चलते एक कुरैशी साहब आम लड़की पर ही खतरा नहीं मंडरा
रहा है उत्तर प्रदेश में ख़ास लड़की भी अब इसका शिकार हो सकती है क्यों की
डेमोक्रेसी ( लोकतंत्र ) में एक तरह का डंडा सबके लिए चलने की बात कही गई
है तो फिर डंडा चाहे जिसका हो जो डंडा मजबूत होगा वह सबपर चलेगा ! इत्तेफ़ाकन
आज उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और दुष्कर्म का डंडा बहुत मजबूत हो
चूका है अब इस डंडे से सिर्फ आम घर की आम महिलाये या लडकिया ही नहीं बल्कि
खास घर की खास महिलाये और लडकिया भी आहात होंगी और निश्चित रूप से तभी
आम का दर्द खास की समझ में भी आएगा ! कुरैशी साहब एक आम नागरिक का आप से
अनुरोध है अप्राद और दुष्कर्म के डंडे को तोड़ने के लिए नए सिरे से क़ानून के
डंडे को मजबूत कवाइये ,उत्तर
प्रदेश की क़ानून ब्यवस्था में पारदर्शिता
लाइए !
खुदा -खुदा, भगवान भगवान , यह जुमला वोट बैंक की राजनीत तक ही
रखिये ! इसे
स्त्री सुरक्षा और स्त्री अस्मिता के साथ मत जोड़िये वार्ना आम के साथ ख़ास
घर की खास स्त्रियों लड़कियों की सुरक्षा खतरे में पड़ेगी क्यों की बौने कानून
ब्यवस्था को कोई भी मूह चिढ़ा कर जा सकता है एक खास घर की लड़की का आम ड्राइवर
भी ! अतः जब बात प्रदेश की सुरक्षा से जुडी हो तो कानून को खंगालने
की ज़रूरत सबसे पहली ज़रूरत होनी चाहिए क़ानून में पारदर्शिता सबसे पहली
ज़रूरत होनी चाहिए कुरैशी साहब !
द्वारा -
प्रदीप दुबे